एक आपस में लड़ते झगड़ते माँ-बाप की संतान अमर हम्सा एक पुराने ढहते और गिरते हुए मकान में पलता-बढ़ता है जिसे बंगलो कहा जाता है जहाँ हादसे हुए हैं और त्रासदियाँ होती रही हैं। अपने परंपरावादी परिवार में वह नास्तिक बन जाता है। इस कहानी में अंधी स्त्री एक बिंब की तरह प्रयोग में लाई गई है जिसका पूरी कहानी पर छाप है। उम्मीदों के मुताबिक ही उसके जीवन में भी हादसे होने लगते हैं। छब्बीस साल की उम्र में वह तय करता है कि वह एक काल्पनिक पाठक को अपनी कहानी सुनाएगा और जब वह ऐसा करने लगता है तो बंगलो की हर दीवार से मानव कंकाल प्रकट होने लगते हैं। यह एक डार्क ह्यूमर है जिसे मानवीय संवेदनाओं के साथ लिखा गया है।
| ISBN-13: | 9780143447917 |
| ISBN-10: | 0143447912 |
| Publisher: | Peṅguina Raiṇḍama Hāusa Iṇḍiyā |
| Publication date: | 2022 |
| Pages: | 297 |
| Product dimensions: | Height: 7.79526 Inches, Length: 5.07873 Inches, Width: 0.7874 inches |
| Author: | अनीस सलीम |
| Language: | hi |
| Binding: | Paperback |